মালদহে রণক্ষেত্র ইংরেজবাজার! শুনানিতে তৃণমূল-কংগ্রেস সংঘর্ষে ছিঁড়ল জামা, ‘মরার হাত থেকে বাঁচল ২-৩ জন

ভোটার কার্ডের শুনানি (SII Hearing) ঘিরে সোমবার দুপুরে রণক্ষেত্রের চেহারা নিল মালদহের ইংরেজবাজার। শুনানি কেন্দ্রে কে আগে ঢুকবে, তা নিয়েই বিবাদের সূত্রপাত। মুহূর্তের মধ্যে সেই বিবাদ তৃণমূল ও কংগ্রেস সমর্থকদের মধ্যে হাতাহাতি এবং রক্তক্ষয়ী সংঘর্ষে রূপ নেয়। অভিযোগ, প্রকাশ্য রাস্তায় কংগ্রেসের এক পঞ্চায়েত সদস্যকে ফেলে বেধড়ক মারধর করা হয়েছে, এমনকি তাঁর গায়ের জামাকাপড়ও ছিঁড়ে ফেলা হয়। গোটা ঘটনায় পুলিশের ভূমিকা নিয়ে প্রশ্ন তুলেছেন আতঙ্কিত ভোটাররা।
শুনানি কেন্দ্রে চরম বিশৃঙ্খলা: এদিন ইংরেজবাজারের ওই শুনানি কেন্দ্রে লাইনের কোনো নির্দিষ্ট ব্যবস্থা ছিল না বলে অভিযোগ। গেট বন্ধ থাকায় বাইরে ভিড় বাড়তে থাকে। একসময় ধৈর্য হারিয়ে ভোটাররা জোর করে গেট খুলে ভেতরে ঢোকার চেষ্টা করলে পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণের বাইরে চলে যায়। হুড়োহুড়ির চাপে ২-৩ জন পদপিষ্ট হওয়ার মতো পরিস্থিতি তৈরি হয়। একজন ভোটার আতঙ্কিত হয়ে জানান, “এখানে কোনো সিস্টেম নেই। ২-৩ জন নিশ্চিত মৃত্যুর হাত থেকে বেঁচেছেন। একজন মহিলা অচৈতন্য হয়ে পড়েছেন, একজনকে হাসপাতালে পাঠাতে হয়েছে।”
রাজনৈতিক দড়ি টানাটানি: ঘটনার খবর পেয়ে এলাকায় উত্তেজনা ছড়িয়ে পড়ে। কংগ্রেসের অভিযোগ, পুলিশের উপস্থিতিতেই তাদের কর্মীদের ওপর আক্রমণ চালিয়েছে শাসকদলের আশ্রিত দুষ্কৃতীরা। অন্যদিকে, এই অভিযোগ উড়িয়ে দিয়ে তৃণমূলের মুখপাত্র অরূপ চক্রবর্তী পালটা কটাক্ষ করেছেন। তাঁর দাবি, “কংগ্রেস এখন বিজেপির দালালি করছে। এলাকায় বিজেপির বিধায়ক থাকা সত্ত্বেও কংগ্রেস কেন বিশৃঙ্খলা করছে, তা পরিষ্কার।”
পুলিশি নিষ্ক্রিয়তার অভিযোগ: সাধারণ ভোটারদের দাবি, এমন একটি গুরুত্বপূর্ণ শুনানিতে পর্যাপ্ত পুলিশ মোতায়েন ছিল না। গেটের সামনে হুড়োহুড়ি চলার সময়ও পুলিশকে সক্রিয় ভূমিকায় দেখা যায়নি। বর্তমানে উত্তপ্ত পরিস্থিতি সামাল দিতে ওই এলাকায় অতিরিক্ত পুলিশ বাহিনী পাঠানো হয়েছে। তবে শুনানির প্রথম দিনেই এমন বিশৃঙ্খলা এবং মারপিটের ঘটনায় সাধারণ মানুষের নিরাপত্তা নিয়ে বড়সড় প্রশ্ন উঠে গেল।
🔹 Hindi Version:
शीर्षक:
मालदा में भारी बवाल! सुनवाई के दौरान तृणमूल और कांग्रेस समर्थकों में खूनी संघर्ष, फटे कपड़े।
अंग्रेजीबाजार बना रणक्षेत्र! कांग्रेस पंचायत सदस्य की बेरहमी से पिटाई, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल।
“मौत के मुंह से बचे 2-3 लोग!” मालदा में मतदाता कार्ड सुनवाई के दौरान मची भगदड़, कई घायल।
मालदा: मतदाता कार्ड सुनवाई केंद्र पर हिंसक झड़प, कांग्रेस नेता की सरेआम पिटाई से अंग्रेजीबाजार में तनाव
मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के अंग्रेजीबाजार में सोमवार को मतदाता कार्ड (SII) सुनवाई के दौरान जबरदस्त हिंसा भड़क गई। सुनवाई केंद्र में पहले प्रवेश करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस समर्थकों के बीच शुरू हुई बहस ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोप है कि कांग्रेस के एक पंचायत सदस्य को सड़क पर गिराकर बुरी तरह पीटा गया और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए।
व्यवस्था की कमी और भगदड़ की स्थिति: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुनवाई केंद्र पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। गेट बंद होने के कारण बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। जैसे ही गेट खुला, लोग अंदर घुसने के लिए एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। एक स्थानीय मतदाता ने कहा, “यहाँ कोई सिस्टम नहीं है। 2-3 लोग तो मरने से बचे हैं। एक महिला बेहोश हो गई और एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।”
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप: कांग्रेस ने तृणमूल पर हमला करने का आरोप लगाया है, वहीं टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस भाजपा की एजेंट बनकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जहाँ भाजपा का विधायक है, वहाँ कांग्रेस का इस तरह हंगामा करना उनकी साजिश का हिस्सा है।
पुलिस पर उठे सवाल: घटना के वक्त मौके पर पुलिस की मौजूदगी न के बराबर थी। मतदाताओं ने पुलिस पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया है। स्थिति बिगड़ती देख बाद में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। फिलहाल पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है और सुनवाई प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो गई है।